
शाखा की कार्य पद्धति सामान्य लेकिन प्रभावशाली है ।
विश्व के कई देशो मे संघ की शाखाएँ लगती है।
शाखा सामान्यतया एक घंटे की होती है।
इस एक घंटे मे खेल, शारीरिक, बोधिक, प्रार्थना इत्यादी होते हैं।
* जो शाखा रोज शाम को लगती है, उसे सायम शाखा कहते हैं।
* जो शाखा रोज प्रातः ( सुबह ) लगती है, उसे प्रभात शाखा कहते हैं।
* जो शाखा रोज रात को लगती है, उसे रात्री शाखा कहते हैं।
* जो शाखा सप्ताह मे एक बार लगती है, उसे मिलन कहते हैं।
* जो शाखा महिने मे एक बार लगती है , उसे संघ मंडली कहते हैं।
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