Saturday, December 15, 2007

श्री राम शिला पूजन


" रामेश्वरम राम सेतु रक्षा मंच" ने पूरे भारतवर्ष मे "श्री राम शिला पूजन" का आयोजन कर रही है।
उल्हासनगर मे कुल ६ स्थानों पर "श्री राम शिला पूजन" कार्यक्रम हुवा।
गुरु गोबिंद सिंह नगर ( जिसमे तीन शाखाएँ आती है :- वीर सावरकर शाखा, लोकमान्य तिलक शाखा, सम्राट विक्रमादित्य प्रभात शाखा ) मे "श्री राम शिला पूजन " का कार्यक्रम इस प्रकार हुवा।

दिनांक :- ०५ -१२ -२००७
स्थान :- श्री महादेव मंदिर, श्री गुरुनानक जीरा चोक के पास, उल्हासनगर - ३

इस कार्यक्रम ने स्थानीय लोगो के मन मे उत्साह की नई लहर पैदा की। लोगो की भारी भीड़ के कारण इस कार्यक्रम का समापन देर से हो पाया।
सभी लोगो मे तैरते हुवे पत्थर को देखने की उत्सुकता थी। इसके साथ ही स्थानीय संघ कार्यकर्ताओ ने राम सेतु को बचाने और सरकार की निष्क्रियता पर बोध्दिक भी दिया।
इस कार्यक्रम को लगभग १५,००० लोगो ने देखा और अपना सहयोग दिया।

Saturday, October 13, 2007

शाखा की कार्य पद्धति



शाखा की कार्य पद्धति सामान्य लेकिन प्रभावशाली है ।

विश्व के कई देशो मे संघ की शाखाएँ लगती है।
शाखा सामान्यतया एक घंटे की होती है।
इस एक घंटे मे खेल, शारीरिक, बोधिक, प्रार्थना इत्यादी होते हैं।

* जो शाखा रोज शाम को लगती है, उसे सायम शाखा कहते हैं।
* जो शाखा रोज प्रातः ( सुबह ) लगती है, उसे प्रभात शाखा कहते हैं।
* जो शाखा रोज रात को लगती है, उसे रात्री शाखा कहते हैं।
* जो शाखा सप्ताह मे एक बार लगती है, उसे मिलन कहते हैं।
* जो शाखा महिने मे एक बार लगती है , उसे संघ मंडली कहते हैं।

Friday, October 12, 2007

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ






इतिहास और विचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना १९२५ मे विजयादशमी के दिन नागपुर के मोहितेवाडा मे हुई।

संघ की स्थापना परम पूज्य डाक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार ने की ।

डाक्टर जीं ने कई क्रांतिकारी गतिविधियों तथा सत्याग्रह आंदोलनों मे भाग लिया था। डाक्टर जीं के विचार थे, इन सब गतिविधियों से हमे आजादी तो मिल जायेगी परंतु देश की जनता का आत्म विश्वास, देश भक्ती, धर्म जागरण ऐसी कई बाते हैं जो पुरी नही हो पायेगी इसके फलस्वरूप कोई और देश या जाति हमे गुलाम बना देगी, इसलिये ऐसा कोई तंत्र हो जो ये सारी बातें जन सामान्य मे कुट कुट कर भरे । काफी सोच विचार के बाद डाक्टर जीं ने संघ की स्थापना की।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य है :-
१ जन सामान्य मे देश भक्ती की भावना को जागृत करना और बनाए रखना
२ जन सामान्य मे हिंदुत्व की भावना जागृत करना और बनाए रखना
३ जन सामान्य मे अनुशासन की भावना जागृत करना और बनाए रखना

Wednesday, October 10, 2007

वीर सावरकर शाखा





संक्षिप्त जानकारी

वीर सावरकर सायम शाखा रोज शाम को ७:३० से ८:३० गरबा मैदान, सेन्ट्रल हॉस्पिटल, उल्हासनगर ( जिल्हा : थाणे, राज्य : महाराष्ट्र ) मे लगती है।

यह शाखा विगत १७ वर्षो से लगातार चलती आ रही है ।

इस शाखा की शुरुआत सपना गार्डन मे हुई थी और बाद मे इस शाखा का स्थलान्तरण गरबा मैदान पर हुआ ।


संघ रचना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रचना के अनुसार उल्हासनगर मे दो तालुका बनाए गए हैं :-
उल्हासनगर तालुका पूर्व और उल्हासनगर तालुका पच्छिम, इन दोनो तालुकाओ मे चार - चार नगर बनाए गए है।
उल्हासनगर तालुका पच्छिम के चार नगर हैं :- गुरू गोबिन्द सिंग नगर , स्वामी विवेकानंद नगर, राजा दाहिर सेन नगर और महाराणा प्रताप नगर ।



गुरू गोबिन्द सिंग नगर

शासकीय दृष्टी से गुरू गोबिन्द सिंग नगर :-
प्रांत : महाराष्ट्र
जिल्हा : थाणे
शहर : उल्हासनगर -
संघ दृष्टी से गुरू गोबिन्द सिंग नगर :-
प्रांत : कोकण
जिल्हा : अम्बरनाथ
तालुका : उल्हासनगर पच्छिम


गुरू गोबिन्द सिंग नगर मे तीन शाखा चलती है :-

१ वीर सावरकर सायम शाखा
२ लोकमान्य तिलक सायम शाखा
३ सम्राट विक्रमादित्य प्रभात शाखा